भोपाल। एमपी में शहरी पथ विक्रेताओं को सरकार बैंकों से अपनी गारंटी पर बीस हजार रुपये की कार्यशील पूंजी ऋण के रूप में दिलवाएगी। इसके लिए हितग्राहियों से मात्र दस रुपये स्टांप शुल्क लिया जाएगा। यह निर्णय शुक्रवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में मंत्रालय में हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया। इसके साथ ही अनुसूचित जाति-जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और निशक्तजनों के बैकलाग के रिक्त पदों की पूर्ति के लिए विशेष भर्ती अभियान की अवधि एक वर्ष बढ़ाकर 30 जून 2023 करने का निर्णय लिया गया।
राज्य सरकार के प्रवक्ता गृह मंत्री डा.नरोत्तम मिश्रा ने कैबिनेट के निर्णय की जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पथ विक्रेताओं को फिर से अपना व्यापार स्थापित करने के लिए बैंकों से ऋण दिलाने की पहल की थी। इसके अच्छे परिणाम सामने आए हैं। अब तय किया गया है कि पथ विक्रेताओं को बैंकों से बीस हजार रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए अभी तक स्टांप शुल्क 25 रुपये लगता था, जिसे घटाकर 10 रुपये करने का निर्णय लिया गया है। इसी तरह केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय को बीज फार्म स्थापित करने के लिए मुरैना में मौजा जाखौना, रिठौराखुर्द, गडौरा और गोरखा गांव में 885 हेक्टेयर भूमि एक रुपये वार्षिक भू-भाटक पर आवंटित करने का निर्णय लिया है।
वही, कैबिनेट ने मध्य प्रदेश गौण खनिज नियम में संशोधन के प्रस्ताव को भी अनुमति दे दी। इसके अनुसार अब सरकारी तालाब या अन्य संरचनाओं से निकलने वाली मिट्टी पर भी रायल्टी नहीं लगेगी। परिवहन अनुज्ञा की भी आवश्यकता नहीं होगी। अभी तक कीचड़ और गाद का स्वयं के लिए उपयोग करने पर रायल्टी और परिवहन अनुज्ञा की जरूरत नहीं थी। इसी तरह मध्य प्रदेश जिला खनिज प्रतिष्ठान नियम में भी संशोधन किया गया है। इसके अनुसार जिला खनिज प्रतिष्ठान बोर्ड के अध्यक्ष प्रभारी मंत्री की जगह कलेक्टर होंगे। बोर्ड में लोक सभा, राज्यसभा के सदस्य और स्थानीय विधायकों सदस्य रहेंगे।
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