भोपाल। मध्यप्रदेश में शनिवार दोपहर से मौसम ने करवट ली। बादलों ने डेरा डालना शुरू कर दिया जबलपुर-सिंगरौली के कुछ इलाकों में बौछारों ने कुछ राहत दी है। वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक वेद प्रकाश ने बताया कि अभी चार दिन तक इसी तरह तेज धूप और बादल छाए रहेंगे। इंदौर, भोपाल, जबलपुर और उज्जैन में राहत रहेगी, जबकि ग्वालियर, सागर और सतना में गर्मी के तेवर कुछ नरम जरूर हुए हैं, लेकिन 18 मई तक इसी तरह मौसम रहेगा। अभी मौसम में ज्यादा बदलाव की संभावना नहीं है।
पश्चिमी विक्षोभ ईरान मेंट्रफ के रूप में है। वहीं, तटीय आंध्र प्रदेश के ऊपर चक्रवातीय गतिविधियां अभी भी सक्रिय हैं। बिहार से असम और मेघालय तक पूर्व-पश्चिम ट्रफ और उत्तर-दक्षिण ट्रफ लाइन पश्चिम बंगाल क्षेत्र में तक विस्तृत है। ईरान के ऊपर शनिवार से ऊपरी हवाओं का घेरा सक्रिय हो गया है। इसे अरब सागर से नमी मिल रही है। इस कारण रविवार से सबसे पहले इसका असर उज्जैन में देखने को मिलेगा। इसके बाद इंदौर, भोपाल, नर्मदापुरम और जबलपुर में हल्के बादल और तेज हवाओं के साथ बूंदाबांदी की संभावना है। भोपाल में तापमान 43 डिग्री के आसपास तो इंदौर में यह 41 डिग्री तक रह सकता है। जबलपुर में 44 डिग्री तक बने रहने की संभावना है।
पश्चिमी हवाओं के कारण आधे एमपी में राहत मिल जाएगी, लेकिन मध्यप्रदेश के ऊपरी इलाकों को अभी तीन से 4 दिन का इंतजार करना होगा। ग्वालियर, चंबल, सागर और सतना जैसे महानगरों में शनिवार को कहीं-कहीं तापमान में एक से दो डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। रविवार को इसमें एक डिग्री की और गिरावट हो सकती है, लेकिन इससे ज्यादा की गिरावट नहीं होगी। यहां पारा 45 डिग्री के आसपास रहेगा। तापमान में गिरने से सीवियर हीट वेव से तो राहत रहेगी, लेकिन लू चल सकती है। अब लगातार गर्मी की संभावना नहीं है। 16 मई से अगला सिस्टम सेट हो जाएगा। इससे तापमान में गिरावट होगी। उसके जाने के बाद कुछ तापमान में बढ़ोतरी होगी। अब इसी तरह रहेगा। कभी कम तो कभी ज्यादा होंगे, लेकिन अधिकतम तापमान 44 डिग्री से ऊपर जाने की संभावना अब कम है। 25 मई के आसपास फिर से गर्मी के तेवर थोड़े तीखे होंगे।
Recent Comments