Delhi News: हर भारतीय को मिलेगा उसके DNA के मुताबिक इलाज! शुरू हुई अनोखी स्वास्थ्य क्रांति

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By Sharma Published On: July 7, 2025
Delhi News: हर भारतीय को मिलेगा उसके DNA के मुताबिक इलाज! शुरू हुई अनोखी स्वास्थ्य क्रांति

Delhi News: रविवार को केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने देश के पहले नेशनल बायोबैंक ‘फेनोम इंडिया’ का उद्घाटन किया। यह आधुनिक बायोबैंक दिल्ली के सीएसआईआर-आईजीआईबी संस्थान में स्थापित किया गया है। इसका उद्देश्य है देशभर के 10 हजार लोगों की जेनेटिक जानकारी, जीवनशैली और स्वास्थ्य डेटा को एकत्र कर व्यक्तिगत इलाज के रास्ते खोलना। इसका फायदा यह होगा कि अब हर व्यक्ति को उसकी जरूरत के मुताबिक इलाज मिल सकेगा।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि अब स्वास्थ्य सेवा केवल एक सोच नहीं रही बल्कि भारत में यह वैज्ञानिक नवाचारों की वजह से हकीकत बन रही है। उन्होंने कहा कि भारत में एक खास समस्या देखी जाती है जहां व्यक्ति पतला दिखाई देता है लेकिन पेट के आसपास चर्बी जमा होती है जिसे ‘सेंट्रल ओबेसिटी’ कहते हैं। यह हमारे देश की खास स्वास्थ्य चुनौती है इसलिए बायोबैंक का निर्माण अत्यंत जरूरी था।

जेनेटिक बीमारियों की जल्दी पहचान होगी संभव

फेनोम इंडिया बायोबैंक की मदद से अब वैज्ञानिक डायबिटीज, कैंसर, हृदय रोग और अन्य दुर्लभ बीमारियों को बेहतर तरीके से समझ सकेंगे। इससे इन बीमारियों की जल्दी जांच और उपचार के लिए नई तकनीकों का विकास संभव हो पाएगा। भविष्य में इसी डेटा के आधार पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और जीन आधारित इलाज को और भी ज्यादा सटीक और प्रभावी बनाया जा सकेगा।

प्रयोगशालाओं से निकलकर आम लोगों तक पहुंचेगा फायदा

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत अब विज्ञान के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। क्वांटम टेक्नोलॉजी, जीन एडिटिंग (CRISPR) और एंटीमाइक्रोबियल रेसिस्टेंस (AMR) जैसे गंभीर मुद्दों पर भारत अग्रणी बन चुका है। उन्होंने कहा कि बायोबैंक जैसी कोशिशें वैज्ञानिक शोध को सिर्फ प्रयोगशालाओं तक सीमित नहीं रखेंगी बल्कि इसका सीधा फायदा आम लोगों और बाजार को भी मिलेगा।

सीएसआईआर की डायरेक्टर जनरल और डीएसआईआर की सेक्रेटरी डॉ. एन. कलैसेल्वी ने कहा कि फेनोम इंडिया बायोबैंक की शुरुआत भारत को स्वास्थ्य डेटा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक साहसिक और बड़ा कदम है। यह पहल न केवल वैज्ञानिक क्षेत्र में भारत की मजबूती को दर्शाती है बल्कि उद्योग और रिसर्च संस्थानों के सहयोग को भी मजबूती प्रदान करेगी।