Gujarat Congress: गुजरात कांग्रेस में बड़ा फेरबदल, 40 जिलों के नए अध्यक्षों की लिस्ट आई सामने

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By Sharma Published On: June 22, 2025
Gujarat Congress: गुजरात कांग्रेस में बड़ा फेरबदल, 40 जिलों के नए अध्यक्षों की लिस्ट आई सामने

Gujarat Congress: गुजरात कांग्रेस ने संगठनात्मक बदलाव की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। ‘संगठन सृजन अभियान‘ के तहत अब प्रदेश की जिला और शहर इकाइयों में नए अध्यक्षों की घोषणा की गई है। कुल 40 जिलों में कांग्रेस ने नए जिलाध्यक्ष और शहर अध्यक्ष नियुक्त किए हैं। अहमदाबाद शहर की कमान अब सोनल पटेल को सौंपी गई है जबकि वडोदरा शहर और जिले में पुराने चेहरों पर ही भरोसा जताया गया है। इससे साफ है कि कांग्रेस अब अनुभव और नवाचार दोनों को साथ लेकर आगे बढ़ने की कोशिश कर रही है।

पुराने और नए चेहरों का मिला-जुला तालमेल

इस बार जो लिस्ट सामने आई है उसमें लगभग 50 प्रतिशत चेहरे ऐसे हैं जिन्हें पहली बार यह जिम्मेदारी दी गई है। यानी कांग्रेस अब नए और युवा कार्यकर्ताओं को आगे लाने पर जोर दे रही है लेकिन साथ ही पुराने अनुभवी नेताओं को भी नजरअंदाज नहीं किया गया है। इस संतुलन से पार्टी के अंदरूनी माहौल को मज़बूती मिलने की उम्मीद है। यह बदलाव उस वक्त हुआ है जब पार्टी को आने वाले विधानसभा चुनाव और लोकसभा की तैयारियों को लेकर तेज़ी से संगठित करने की जरूरत है।

गुजरात के कई जिलों में नए नेताओं को संगठन की जिम्मेदारी दी गई है। अमरेली में प्रताप दूधत, आनंद में अल्पेश पाधियार, अरणवली में अरनुभाई पटेल, बनासकांठा में गुलाब सिंह राजपूत, भरूच में राजेंद्र सिंह राणा, भावनगर ग्रामीण में प्रवीन राठौड़ और शहर में मनोहर सिंह लालाभा को अध्यक्ष बनाया गया है। इसके अलावा गांधीनगर शहर में शक्ति पटेल और जिलाध्यक्ष के रूप में अरविंद सिंह सोलंकी की नियुक्ति हुई है। राजकोट शहर में डॉ. राजदीप सिंह जडेजा और ग्रामीण में हितेश वोहरा को जिम्मेदारी दी गई है।

संगठन सृजन अभियान की अहम भूमिका

यह सारी नियुक्तियां कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान के अंतर्गत हुई हैं। पार्टी ने इस अभियान के माध्यम से ज़मीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने की कोशिश की है। इस बदलाव में AICC और PCC के पर्यवेक्षकों ने अहम भूमिका निभाई। इस अभियान का उद्देश्य केवल चेहरों को बदलना नहीं बल्कि पारदर्शी, समावेशी और विचारधारा आधारित नेतृत्व को सामने लाना है। कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने भी इस बदलाव को तुरंत प्रभाव से लागू करने की घोषणा की है।

कांग्रेस अब इस नई टीम से काफी उम्मीदें रख रही है। ये बदलाव न सिर्फ संगठनात्मक मजबूती के लिए किए गए हैं बल्कि आगामी चुनावी रणभूमि के लिए भी एक नई तैयारी है। गुजरात में भाजपा की मज़बूत पकड़ को देखते हुए कांग्रेस को अपने संगठन को पूरी ताकत से खड़ा करना है। नई टीम पर अब बूथ स्तर से लेकर जिला स्तर तक पार्टी को सक्रिय करने की जिम्मेदारी है। देखना होगा कि ये नए चेहरे पार्टी को कितनी नई ऊर्जा और दिशा दे पाते हैं।