सिंधु जल समझौते को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव गहरा गया है। पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता अदालत के फैसले का सहारा लेकर भारत पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है, जबकि भारत ने इस प्रक्रिया को ही सिरे से खारिज कर दिया है।
भारत का सख्त रुख
भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि वह पाकिस्तान द्वारा पेश किए गए अंतरराष्ट्रीय अदालती दस्तावेजों को कानूनी रूप से अमान्य मानता है। नई दिल्ली का मानना है कि इस मामले में किसी भी बाहरी हस्तक्षेप की कोई गुंजाइश नहीं है और भारत अपने जल अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी तरह अडिग है।
पाकिस्तान की कूटनीतिक उलझन
जल संकट से जूझ रहे पाकिस्तान के लिए अब कूटनीतिक रास्ता बंद होता दिख रहा है। भारत के सख्त रुख के बाद पाकिस्तानी हुकूमत के सामने कोई स्पष्ट विकल्प नहीं बचा है, जिससे इस्लामाबाद की मुश्किलें और अधिक बढ़ गई हैं।