Kolkata Gangrape Case: कोर्ट में ‘लव बाइट’ की दलील, गैंगरेप नहीं प्रेम का रिश्ता? आरोपी के वकील की चौंकाने वाली थ्योरी

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By Sharma Published On: July 2, 2025
Kolkata Gangrape Case: कोर्ट में 'लव बाइट' की दलील, गैंगरेप नहीं प्रेम का रिश्ता? आरोपी के वकील की चौंकाने वाली थ्योरी

Kolkata Gangrape Case: कोलकाता के लॉ कॉलेज की छात्रा से गैंगरेप के मामले में मुख्य आरोपी मनोजीत मिश्रा के वकील ने अदालत में एक चौंकाने वाला दावा किया। वकील ने कहा कि पीड़िता के शरीर पर जो निशान मिले हैं वैसे ही निशान मेरे मुवक्किल के शरीर पर भी हैं। इसके अलावा आरोपी की गर्दन पर ‘लव बाइट’ जैसे निशान हैं जो यह साबित करते हैं कि यह कोई जबरदस्ती का मामला नहीं बल्कि आपसी सहमति का संबंध हो सकता है। इस बयान से अदालत में मौजूद हर कोई चौंक गया।

पीड़िता के आरोपों पर उठाए सवाल

वकील ने दावा किया कि यह घटना गैंगरेप की नहीं है और उनके मुवक्किल को फंसाया जा रहा है। वकील ने यह भी कहा कि आरोपी जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं और उन्हें बेवजह इस मामले में फंसाया गया है। हालांकि यह पूरी दलील आरोपी की जमानत के लिए दी गई थी, लेकिन इसके बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। अब यह देखना अहम होगा कि पुलिस जांच में क्या सच सामने आता है।

Kolkata Gangrape Case: कोर्ट में 'लव बाइट' की दलील, गैंगरेप नहीं प्रेम का रिश्ता? आरोपी के वकील की चौंकाने वाली थ्योरी

क्या है पूरा मामला?

24 वर्षीय लॉ की छात्रा ने आरोप लगाया है कि 25 जून की शाम को कॉलेज परिसर में स्थित गार्ड रूम में दो सीनियर छात्रों और एक पूर्व छात्र ने उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने तीनों मुख्य आरोपियों – मनोजीत मिश्रा, प्रमित मुखर्जी और जैब अहमद – को गिरफ्तार किया। बाद में वहां मौजूद सुरक्षा गार्ड को भी हिरासत में लिया गया। कॉलेज प्रशासन ने मनोजीत को नौकरी से बर्खास्त कर दिया है। मामला अब गंभीर होता जा रहा है और जांच तेज कर दी गई है।

पुलिस ने बढ़ाई पूछताछ की मियाद

मुख्य आरोपी की पुलिस हिरासत को 8 जुलाई तक बढ़ा दिया गया है जबकि गार्ड को 4 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेजा गया है। इससे साफ है कि पुलिस को अभी और पूछताछ करनी है और साक्ष्य जुटाने हैं। यह मामला अब अदालत की निगरानी में है और हर पक्ष अपनी बात को मजबूती से रख रहा है। पुलिस को अब सच्चाई तक पहुंचने के लिए पीड़िता और आरोपियों के बयानों और मेडिकल रिपोर्ट पर गहराई से काम करना होगा।

10 महीनों में दूसरी बड़ी घटना, राज्य में कानून व्यवस्था पर सवाल

यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि पिछले 10 महीनों में कोलकाता में यह दूसरी बड़ी यौन हिंसा की घटना है। इससे पहले 8 अगस्त 2024 को आरजी कर अस्पताल में एक प्रशिक्षु डॉक्टर के साथ दुष्कर्म और हत्या हुई थी। उस मामले में अभियुक्त संजय रॉय को उम्रकैद की सजा मिल चुकी है। ताजा घटना ने फिर से राज्य की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और समाज में आक्रोश की लहर दौड़ गई है।