Lokayukta Raid: 8 अफसरों के घरों में छापा, जब्त हुई करोड़ों कीमत की चीजें – लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई

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By Sharma Published On: June 24, 2025
Lokayukta Raid: 8 अफसरों के घरों में छापा, जब्त हुई करोड़ों कीमत की चीजें – लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई

Lokayukta Raid: कर्नाटक में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बार फिर लोकायुक्त ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 8 उच्च पदस्थ सरकारी अधिकारियों के ठिकानों पर मंगलवार को छापेमारी की। यह कार्रवाई उन अधिकारियों के खिलाफ की गई जिन पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का शक है। लोकायुक्त की टीम ने संबंधित अधिकारियों के घरों, कार्यालयों और अन्य परिसरों पर छापा मारा और भारी मात्रा में नकद, सोना, चांदी और दस्तावेज़ बरामद किए।

सामने आए आरोपी अफसरों के नाम, सभी ऊंचे पदों पर तैनात

लोकायुक्त की कार्रवाई में जिन अधिकारियों के नाम सामने आए हैं वे सभी सरकारी मशीनरी में उच्च पदों पर तैनात हैं। इन अफसरों में बेंगलुरु से लेकर धारवाड़ और कालबुर्गी तक के अधिकारी शामिल हैं। नाम इस प्रकार हैं:

  • प्रकाश, AE, BBMP, गोविंदराजनगर, बेंगलुरु

  • डॉ एस प्रदीप, एसोसिएट रिसर्च डायरेक्टर, जैविक खेती, शिमोगा

  • लता मणि, लेखा अधिकारी, यूएन नगर पालिका, चिकमंगलूरु

  • केजी अमरनाथ, मुख्य अधिकारी, नगरपालिका, अनेकल

  • ध्रुवराज, नगर पुलिस निरीक्षक, गडग

  • अशोक वासंन्द, इंजीनियर, मालप्रभा प्रोजेक्ट, धारवाड़

  • मल्लिकार्जुन अलीपुर, पूर्व इंजीनियर, आरडीपीआर, कलबुर्गी

इन सभी के खिलाफ भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति जुटाने के पुख्ता सबूत मिले हैं।

Lokayukta Raid: 8 अफसरों के घरों में छापा, जब्त हुई करोड़ों कीमत की चीजें – लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई

वासंद के बंगले से मिला खजाना, सोना-चांदी और ज़मीनों के दस्तावेज जब्त

लोकायुक्त सूत्रों के अनुसार, अशोक वासंद के धारवाड़ स्थित आलीशान बंगले से सोने-चांदी के आभूषण, महंगे इलेक्ट्रॉनिक सामान और कई बेशकीमती संपत्तियों के दस्तावेज बरामद किए गए हैं। बंगले की बनावट और इंटीरियर को देखकर ही अफसरों को उसकी असल संपत्ति का अंदाज़ा हो गया। इसके अलावा अन्य अधिकारियों के यहां से भी बड़ी मात्रा में नकद और चल-अचल संपत्ति से जुड़े कागजात मिले हैं।

कुछ अफसरों की जीवनशैली ने उठाए थे पहले ही सवाल

लोकायुक्त अधिकारियों का कहना है कि कई महीनों से इन अफसरों की लग्जरी जीवनशैली पर नज़र रखी जा रही थी। कुछ अधिकारी सरकारी वेतन के बावजूद महंगी गाड़ियों, फॉर्महाउस और विदेशी यात्राओं के लिए जाने जाते थे। इन्हीं गतिविधियों के आधार पर जब जांच शुरू की गई तो उनकी संपत्ति का हिसाब-किताब संदिग्ध पाया गया। छापेमारी से पहले उनकी पूरी निगरानी की जा चुकी थी।

 भ्रष्टाचार के खिलाफ मजबूत संदेश, आगे और भी हो सकती है कार्रवाई

लोकायुक्त की यह कार्रवाई कर्नाटक में सरकारी तंत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार पर एक सख्त और निर्णायक कदम माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक आने वाले दिनों में और भी अधिकारियों पर शिकंजा कस सकता है। जनता में इस कार्रवाई को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है और लोग उम्मीद कर रहे हैं कि ऐसे भ्रष्ट अफसरों पर लगातार कार्रवाई होती रहेगी।