Odisha Minor Girl Burnt: ओडिशा की 15 साल की बेटी की दर्दनाक मौत! AIIMS दिल्ली की कोशिशें नाकाम, मासूम को नहीं बचा पाए डॉक्टर

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By Sharma Published On: August 3, 2025
Odisha Minor Girl Burnt: ओडिशा की 15 साल की बेटी की दर्दनाक मौत! AIIMS दिल्ली की कोशिशें नाकाम, मासूम को नहीं बचा पाए डॉक्टर

Odisha Minor Girl Burnt: उड़ीसा के पुरी ज़िले के बलंगा इलाके में 19 जुलाई की सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना घटी। 15 साल की एक नाबालिग लड़की अपने दोस्त से मिलकर घर लौट रही थी जब तीन अज्ञात लोगों ने उसे अगवा कर लिया। उन्होंने उसके ऊपर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा दी। यह वीभत्स वारदात भर्गवी नदी के किनारे हुई जिसने पूरे राज्य को झकझोर दिया। लड़की करीब 70 फीसदी जल चुकी थी और उसे तत्काल पिपिली स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया।

 एम्स दिल्ली में जिंदगी और मौत की जंग

हालत गंभीर होने के कारण पहले एम्स भुवनेश्वर और फिर उसे एयरलिफ्ट कर दिल्ली एम्स ले जाया गया। वहां पर उसकी दो सर्जरी और स्किन ग्राफ्टिंग की गई। पूरे देश से प्रार्थनाएं की गईं कि वह बच जाए लेकिन 15 दिनों तक जिंदगी और मौत की लड़ाई लड़ने के बाद वह हार गई। शनिवार को एम्स दिल्ली में उसका निधन हो गया। इस घटना ने देशभर के लोगों को भीतर तक झकझोर दिया है।

मुख्यमंत्री से लेकर विपक्ष तक दुखी

मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने इस खबर पर गहरा दुख जताया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि दिल्ली एम्स के डॉक्टरों की कोशिशों के बावजूद बच्ची को बचाया नहीं जा सका। उन्होंने परिवार को ढांढस बंधाया और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। वहीं विपक्ष के नेता नवीन पटनायक और कांग्रेस के अध्यक्ष भक्त चरण दास ने भी घटना पर दुख जताया। सभी ने इस वीभत्स घटना की कड़ी निंदा की।

पुलिस की जांच और लोगों की नाराजगी

ओडिशा पुलिस ने इस मामले में शुरुआती जांच कर बयान जारी किया कि कोई अन्य व्यक्ति इसमें शामिल नहीं है। दिल्ली एम्स में मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में लड़की का बयान भी दर्ज किया गया था। हालांकि, पुलिस ने यह नहीं बताया कि लड़की को आग कैसे लगाई गई। इस बात से लोग काफी नाराज हैं क्योंकि अभी तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। लोगों का कहना है कि पुलिस सच को छिपा रही है।

इंसाफ की मांग और आंदोलन की चेतावनी

ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भक्त चरण दास ने साफ कहा कि अगर सात दिनों के भीतर तीनों अपराधियों को गिरफ्तार नहीं किया गया तो वे डीजीपी कार्यालय का घेराव करेंगे। उन्होंने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया और कहा कि 15 दिन बीत जाने के बाद भी अपराधी खुले घूम रहे हैं। इस घटना ने लोगों को आक्रोशित कर दिया है और अब हर तरफ से इंसाफ की मांग उठ रही है।