दलीप ट्रॉफी सेमीफाइनल मुकाबले में सेंट्रल जोन की टीम एक समय बेहद मुश्किल स्थिति में थी। महज 125 रन पर आधी टीम पवेलियन लौट चुकी थी, जिसके बाद रिंकू सिंह ने जिम्मेदारी संभालते हुए टीम को संकट से बाहर निकाला।
रिंकू सिंह का जुझारू प्रदर्शन
ईस्ट जोन के घातक गेंदबाजों, विशेषकर मुकेश कुमार और मोहम्मद शमी के सामने रिंकू सिंह ने धैर्य और तकनीक का शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने 60 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेलकर निचले क्रम के बल्लेबाजों के साथ साझेदारी की और टीम का स्कोर 266 रनों तक पहुँचाने में अहम भूमिका निभाई।
गेंदबाजों के सामने टिके रिंकू
ईस्ट जोन के तेज आक्रमण के आगे सेंट्रल जोन के शीर्ष क्रम के बल्लेबाज संघर्ष करते दिखे। ऐसे दबाव भरे क्षणों में रिंकू सिंह की यह पारी न केवल टीम के लिए संजीवनी साबित हुई, बल्कि उन्होंने अपनी बल्लेबाजी से मैच में वापसी भी कराई।