भोपाल। मध्य प्रदेश भाजपा में प्रदेश मीडिया प्रभारी की नियुक्ति को लेकर अंदरखाने सियासी हलचल तेज होने की चर्चा है। बीजेपी नेता आशीष ऊषा अग्रवाल के राष्ट्रीय मीडिया टीम में शामिल होने के बाद प्रदेश भाजपा में मीडिया प्रभारी का पद खाली है। अब इस पद पर नई नियुक्ति को लेकर अलग-अलग नामों पर मंथन चलने की बात सामने आ रही है।
सूत्रों के मुताबिक, प्रदेश मीडिया प्रभारी के लिए एक नाम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की ओर से और दूसरा नाम संगठन के एक बड़े पदाधिकारी की ओर से सामने आने की चर्चा है। ऐसे में नियुक्ति को लेकर सत्ता और संगठन के बीच सहमति बनाने की कवायद महत्वपूर्ण हो गई है।
दतिया उपचुनाव के बाद बढ़ी चर्चा…
मीडिया प्रभारी की नियुक्ति का मुद्दा ऐसे समय में सामने आया है, जब दतिया उपचुनाव में भाजपा के प्रदर्शन को लेकर पार्टी के भीतर समीक्षा हो चुकी है। उपचुनाव के बाद संगठन की भूमिका और जिम्मेदारी को लेकर भी अलग-अलग चर्चाएं सामने आईं।
इसी को लेकर अब सवाल उठ रहा है कि अगर संगठनात्मक नियुक्तियों में प्रदेश अध्यक्ष की पसंद को लेकर अलग-अलग स्तरों पर विचार किया जाता है, तो चुनावी हार की जिम्मेदारी तय करते समय प्रदेश अध्यक्ष की भूमिका को किस तरह देखा जाना चाहिए।
कौन लगाएगा अंतिम मुहर…?
सूत्रों के मुताबिक, प्रदेश मीडिया प्रभारी के पद के लिए कई नाम चर्चा में हैं। कुछ मीडिया क्षेत्र से जुड़े लोगों के नाम भी सामने आने की बात कही जा रही है।
हालांकि, किसी मीडिया चेहरे को संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दिए जाने की स्थिति में पार्टी के संगठनात्मक नियम और संबंधित पद के लिए पात्रता भी महत्वपूर्ण होगी।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि प्रदेश भाजपा के मीडिया विभाग की कमान किसे सौंपी जाएगी?
क्या मुख्यमंत्री की पसंद पर मुहर लगेगी?
क्या संगठन की पसंद को प्राथमिकता मिलेगी?
या फिर प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल अपने अधिकार का इस्तेमाल करते हुए नाम तय करेंगे?
फिलहाल भाजपा के अंदर इस नियुक्ति को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है। आने वाले दिनों में सामने आने वाला नाम यह साफ कर सकता है कि प्रदेश भाजपा में मीडिया विभाग की कमान किसके हाथ में जाती है।