Operation Sindoor: संसद में विपक्ष ने उठाए गंभीर सवाल, सरकार की जवाबदेही पर बहस तेज

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By Sharma Published On: July 30, 2025
Operation Sindoor: संसद में विपक्ष ने उठाए गंभीर सवाल, सरकार की जवाबदेही पर बहस तेज

Operation Sindoor: पाहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर को लेकर लोकसभा में मंगलवार को विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार को घेरते हुए तीखे सवाल दागे। कांग्रेस, डीएमके, सपा, आईयूएमएल और अन्य दलों के सांसदों ने इस हमले को खुफिया और सुरक्षा तंत्र की पूरी तरह से विफलता बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सच छिपा रही है और जवाब देने से बच रही है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जवाब से एक भी सवाल का समाधान नहीं हुआ।

अंतरराष्ट्रीय समर्थन की कमी और अमेरिकी हस्तक्षेप पर सवाल

विपक्ष ने सरकार की विदेश नीति पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि इतने गंभीर आतंकी हमले के बाद भी G20, BRICS और G7 जैसे वैश्विक मंचों से पाकिस्तान के खिलाफ कोई निंदा प्रस्ताव नहीं आया। कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा भारत-पाक संघर्ष विराम की घोषणा भारतीय कूटनीति की विफलता और तीसरे पक्ष की सीधी दखलंदाजी है, जो पहले कभी नहीं देखी गई।

Operation Sindoor: संसद में विपक्ष ने उठाए गंभीर सवाल, सरकार की जवाबदेही पर बहस तेज

अमित शाह की चुप्पी और सुरक्षा विफलता पर नाराजगी

विपक्षी सांसदों ने गृह मंत्री अमित शाह के भाषण की आलोचना करते हुए कहा कि उन्होंने हर मुद्दे पर बात की लेकिन सुरक्षा चूक पर एक शब्द नहीं कहा। डीएमके के ए. राजा ने कहा कि सरकार अब भी नेहरू और इंदिरा गांधी को दोष देकर अपनी नाकामी छुपा रही है। वहीं IUML के ई.टी. मोहम्मद बशीर ने पूछा कि आतंकी पर्यटन स्थल तक कैसे पहुंच गए, इसका जवाब क्यों नहीं दिया गया?

घाटी की हकीकत सोशल मीडिया से अलग: कश्मीरी सांसदों की पीड़ा

कश्मीर से निर्दलीय सांसद इंजीनियर राशिद ने संसद में कहा कि सरकार का यह दावा कि कश्मीर में हालात सामान्य हैं, केवल सोशल मीडिया तक सीमित है। उन्होंने कहा कि घाटी के लोग थक चुके हैं लाशें उठाते-उठाते। उन्होंने पूछा कि जब सरकार ने सात देशों में आतंकवाद के खिलाफ संदेश भेजने के लिए बहुदलीय प्रतिनिधिमंडल भेजा, तो उसमें कश्मीर के कितने प्रतिनिधि थे?

चीन से बड़ा खतरा, लेकिन सरकार खामोश क्यों?

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने आतंकवाद से ज्यादा खतरा चीन को बताया। उन्होंने कहा कि चीन न सिर्फ हमारी ज़मीन छीन रहा है, बल्कि बाज़ार भी हथिया रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि 2014 में देश का भू-क्षेत्र कितना था और आज कितना रह गया है? साथ ही उन्होंने मांग की कि सरकार को अपनी नीतियों की ‘स्पेशल इंटेंसिव रिव्यू’ करानी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।