Political News: टीएमसी की अंदरूनी लड़ाई आई बाहर, काकोली घोष के बेटे का बड़ा कदम

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By Input Published On: June 14, 2026
Political News: टीएमसी की अंदरूनी लड़ाई आई बाहर, काकोली घोष के बेटे का बड़ा कदम

Political News: पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के भीतर एक नया विवाद सामने आया है जिसने राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है। पार्टी की वरिष्ठ सांसद काकोली घोष दस्तीदार के बेटे और पेशे से डॉक्टर डॉ. वैद्यनाथ घोष दस्तीदार ने अपनी ही मां की पार्टी के कई बड़े नेताओं को कानूनी नोटिस भेज दिया है। नोटिस पाने वालों में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ-साथ महुआ मोइत्रा. कल्याण बनर्जी. सौगत रॉय और सोनाली गुहा जैसे प्रमुख नेता शामिल हैं। इस कदम ने न केवल टीएमसी के अंदर चल रही खींचतान को उजागर किया है बल्कि पार्टी की आंतरिक स्थिति को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। राजनीतिक जानकार इसे टीएमसी के भीतर बढ़ते असंतोष और गुटबाजी का नया संकेत मान रहे हैं।

टिकट मांगने के आरोपों को किया खारिज

डॉ. वैद्यनाथ घोष दस्तीदार ने अपने कानूनी नोटिस में उन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है जिनमें दावा किया गया था कि उन्होंने बारासात विधानसभा क्षेत्र से विधायक का टिकट मांगने की कोशिश की थी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि उनकी कोई राजनीतिक महत्वाकांक्षा नहीं थी और न ही उन्होंने कभी किसी राजनीतिक पद के लिए इच्छा जताई। उनका कहना है कि उनके बारे में गलत और भ्रामक जानकारी सार्वजनिक मंचों पर फैलाई गई जिससे उनकी व्यक्तिगत और पेशेवर छवि को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने नोटिस के माध्यम से संबंधित नेताओं से मांग की है कि वे सार्वजनिक रूप से यह स्पष्ट करें कि उन्होंने कभी भी किसी राजनीतिक नामांकन की मांग नहीं की थी। साथ ही उनके बारे में फैलाए गए कथित गलत बयानों को भी तत्काल सुधारा जाए।

15 दिनों में माफी और स्पष्टीकरण की मांग

कानूनी नोटिस में डॉ. दस्तीदार ने यह भी आरोप लगाया है कि चुनावी रणनीतिकार संस्था आई पैक से जुड़े कुछ लोगों और स्थानीय छात्र नेताओं ने उनसे कई बार संपर्क किया था। उनके अनुसार उन्हें राजनीतिक गतिविधियों और सार्वजनिक कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए लगातार प्रेरित किया गया था। हालांकि उन्होंने दावा किया कि उन्होंने किसी राजनीतिक भूमिका में रुचि नहीं दिखाई। अब उन्होंने नोटिस के जरिए मांग की है कि जिन नेताओं ने उनके बारे में सार्वजनिक बयान दिए हैं वे उन्हें तत्काल वापस लें। इसके अलावा भविष्य में उनके नाम का राजनीतिक चर्चाओं में इस्तेमाल न किया जाए। उन्होंने संबंधित नेताओं को 15 दिनों के भीतर सार्वजनिक रूप से स्पष्टीकरण देने और माफी मांगने का अल्टीमेटम भी दिया है। यदि ऐसा नहीं किया गया तो मामला कानूनी रूप से आगे बढ़ सकता है।

चुनावी झटकों के बीच टीएमसी में बढ़ी बेचैनी

यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब तृणमूल कांग्रेस हालिया चुनावी चुनौतियों और संगठन के भीतर बढ़ती असहमति से जूझ रही है। डॉ. दस्तीदार की मां और टीएमसी की वरिष्ठ सांसद काकोली घोष दस्तीदार भी हाल के दिनों में पार्टी संगठन से दूरी बनाती दिखाई दी हैं। उन्होंने बारासात संसदीय जिला अध्यक्ष का पद छोड़ने के बाद कई महत्वपूर्ण संगठनात्मक जिम्मेदारियों से इस्तीफा दे दिया था। ऐसे में उनके बेटे द्वारा पार्टी नेतृत्व को कानूनी नोटिस भेजना राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस घटनाक्रम ने टीएमसी के भीतर चल रहे मतभेदों को फिर से चर्चा के केंद्र में ला दिया है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि पार्टी नेतृत्व इस विवाद पर क्या प्रतिक्रिया देता है और क्या संबंधित नेता सार्वजनिक रूप से सफाई या माफी जारी करते हैं।