Rajya Sabha nomination: राज्यसभा में पहुंचे 4 सितारे! उज्ज्वल निकम से मीना जैन तक, पीएम मोदी ने की तारीफ

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By Sharma Published On: July 13, 2025
Rajya Sabha nomination: राज्यसभा में पहुंचे 4 सितारे! उज्ज्वल निकम से मीना जैन तक, पीएम मोदी ने की तारीफ

Rajya Sabha nomination: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ के ज़रिए चार प्रतिष्ठित व्यक्तियों को राज्यसभा में नामांकित होने पर बधाई दी। ये चारों हैं—पूर्व विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला, 26/11 मुंबई आतंकी हमले के विशेष लोक अभियोजक उज्ज्वल निकम, इतिहासकार मीना कुमारी जैन और केरल भाजपा के नेता सी. सदानंदन मास्टर। शनिवार देर रात राष्ट्रपति द्वारा इन चारों को राज्यसभा में नामांकित किए जाने की सूचना गृह मंत्रालय ने दी थी।

उज्ज्वल निकम: न्याय प्रणाली के सशक्त प्रहरी

प्रधानमंत्री ने उज्ज्वल निकम की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने भारतीय संविधान और न्याय प्रणाली की सच्ची सेवा की है। विशेष रूप से 26/11 जैसे गंभीर मामलों में उन्होंने जिस तरह से न्याय सुनिश्चित किया, वह प्रेरणादायक है। पीएम मोदी ने कहा कि निकम का समर्पण और संवैधानिक मूल्यों के प्रति निष्ठा, उन्हें राज्यसभा जैसे मंच के लिए आदर्श बनाती है। उन्होंने उनके संसदीय कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दीं।

हर्षवर्धन श्रृंगला: कूटनीति के ज्ञानी

पूर्व विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला को लेकर पीएम मोदी ने कहा कि उन्होंने विदेश नीति के क्षेत्र में भारत को नई दिशा दी है। जी-20 की अध्यक्षता के दौरान उनका योगदान महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने यह भी कहा कि श्रृंगला की दूरदृष्टि और रणनीतिक सोच संसद की कार्यवाही को और समृद्ध करेगी। पीएम ने कहा कि उन्हें राज्यसभा में देखना गौरव की बात है।

सी. सदानंदन मास्टर: साहस और समाज सेवा की मिसाल

केरल के वरिष्ठ भाजपा नेता सदानंदन मास्टर के बारे में प्रधानमंत्री ने कहा कि उनका जीवन साहस, संघर्ष और राष्ट्र सेवा से भरा है। उन्होंने सामाजिक सेवा, शिक्षा और युवाओं को सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाई है। पीएम ने उनके साहस को याद किया और कहा कि हिंसा और धमकियों के बावजूद वे राष्ट्र निर्माण के कार्य से पीछे नहीं हटे।

मीना जैन: इतिहास और शिक्षा की प्रेरणा

इतिहासकार मीना जैन को लेकर पीएम मोदी ने कहा कि उन्होंने शिक्षा, राजनीति, इतिहास और साहित्य के क्षेत्र में अनुकरणीय योगदान दिया है। उन्होंने उनके शोध कार्यों को भारत के बौद्धिक विमर्श में एक अमूल्य योगदान बताया और कहा कि राज्यसभा में उनकी उपस्थिति शिक्षाविदों और युवाओं के लिए प्रेरणादायक होगी।