Bangalore Stampede में RCB दोषी करार, सरकार की रिपोर्ट में हाई कोर्ट के सामने कई बड़े खुलासे

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By Sharma Published On: July 17, 2025
Bangalore Stampede में RCB दोषी करार, सरकार की रिपोर्ट में हाई कोर्ट के सामने कई बड़े खुलासे

Bangalore Stampede: आईपीएल 2025 की जीत का जश्न बेंगलुरु में मनाया जा रहा था। रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर की ऐतिहासिक जीत को लेकर फैंस बेहद उत्साहित थे। लेकिन ये खुशी का पल अचानक एक दर्दनाक हादसे में बदल गया जब चिन्नास्वामी स्टेडियम में भीड़ बेकाबू हो गई और भगदड़ मच गई। इस हादसे में कई लोगों की जान चली गई और कई घायल हो गए। अब इस मामले में कर्नाटक सरकार ने हाईकोर्ट को अपनी रिपोर्ट सौंपी है जिसमें कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।

बिना इजाजत हुआ जश्न का ऐलान

सरकार की रिपोर्ट के अनुसार आयोजन की अनुमति लेने के बजाय आयोजक संस्था डीएनए ने पुलिस को सिर्फ सूचना दी थी। 2009 के सिटी ऑर्डर के अनुसार बिना औपचारिक अनुमति के ऐसा आयोजन नहीं किया जा सकता। पुलिस ने इस पर रोक भी लगाई लेकिन इसके बावजूद आयोजन की तैयारियां चलती रहीं। रिपोर्ट में ये साफ किया गया है कि पुलिस की अनुमति न मिलने के बावजूद आरसीबी ने सोशल मीडिया पर प्रचार करना जारी रखा।

Bangalore Stampede में RCB दोषी करार, सरकार की रिपोर्ट में हाई कोर्ट के सामने कई बड़े खुलासे

विराट कोहली की अपील और लाखों की भीड़

रिपोर्ट के अनुसार 4 जून को विराट कोहली ने खुद सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर किया जिसमें उन्होंने फैंस से स्टेडियम आने की अपील की। इस वीडियो में बताया गया कि एंट्री मुफ्त होगी। इसके बाद करीब 3 लाख लोग स्टेडियम पहुंच गए जो आयोजकों की क्षमता से कहीं ज्यादा था। हालात काबू से बाहर हो गए और भीड़ बेकाबू हो गई।

पास की अनिवार्यता और बढ़ी अफरा-तफरी

सबसे बड़ा झटका उस समय लगा जब 3:14 बजे आयोजन के दिन आयोजकों ने घोषणा की कि अब स्टेडियम में आने के लिए पास जरूरी होगा। यह घोषणा पहले की फ्री एंट्री की बात से उलट थी जिससे लोगों में भ्रम और घबराहट फैल गई। इसी अफरा-तफरी के बीच भगदड़ मच गई जिसमें सात पुलिसकर्मी भी घायल हुए।

सरकार की कार्रवाई और सख्त कदम

सरकार की रिपोर्ट में बताया गया कि आरसीबी, डीएनए और कर्नाटक क्रिकेट एसोसिएशन के बीच तालमेल की भारी कमी थी। गेट खोलने में देरी और भीड़ नियंत्रण की विफलता इस हादसे की बड़ी वजह बनी। अब इस मामले में न्यायिक जांच के आदेश दिए गए हैं। दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री के राजनीतिक सचिव को सस्पेंड कर दिया गया है और राज्य खुफिया प्रमुख का तबादला कर दिया गया है। साथ ही मृतकों के परिवार को मुआवजा भी घोषित किया गया है।