दिल्ली में डेयरी खोलना अब नहीं आसान, हर 6 महीने में ऑडिट जरूरी

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By Sharma Published On: September 18, 2020
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दिल्ली : दिल्ली के किसी भी इलाके में अब डेयरी खोलना उतना आसान नहीं होगा। डेयरियों के चलते रिहायशी इलाकों में होने वाले पल्यूशन पर लगाम लगाने के लिए सेंट्रल पल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (सीपीसीबी) ने नई गाइडलाइंस तय की हैं। तीनों एमसीडी को इसी गाइडलाइंस के आधार पर ही नई डेयरियां खोलने का लाइसेंस जारी करने को कहा गया है।

जो डेयरियां पहले से दिल्ली में हैं, उन्हें भी इन्हीं गाइडलाइंस के अनुसार रेग्युलराइज किया जाएगा। नए नियमों के अनुसार डेयरियों का हर 6 महीने में एनवायरनमेंट ऑडिट किया जाएगा। किसी भी तरह की गड़बड़ी मिलने पर लाइसेंस रद्द हो जाएगा। एमसीडी के एक सीनियर अधिकारी के अनुसार किसी ने ईस्ट एमसीडी एरिया में स्थित डेयरियों से होने वाले गंदगी और पल्यूशन को लेकर नैशनल ग्रीन ट्राइब्यूनल में शिकायत की थी। सीपीसीबी को गाइडलाइंस बनाने को कहा गया।

सीपीसीबी ने जो गाइडलाइंस बनाई हैं, उसके अनुसार डेयरियां रिहायशी इलाकों से कम से कम 200 मीटर की दूरी पर होनी चाहिए। डेयरियों के 500 मीटर के दायरे में कोई भी हॉस्पिटल नहीं होना चाहिए। डेयरी का लोकेशन किसी फ्लड प्लेन एरिया में नहीं होनी चाहिए वहीं पल्यूशन नियंत्रण के लिए बनी एजेंसियां

हर 6 महीने में औचक निरीक्षण कर किसी भी 2 डेयरी और 2 गौशालाओं का एनवायरमेंट ऑडिट कर सकती हैं। इसी तरह से सीपीसीबी 4 – 4 डेयरियों और गौशालाओं का एनवायरनमेंट ऑडिट करेगी। एमसीडी अफसरों को आदेश दिया गया है कि वे डेयरियों को नियमित करने के लिए इसी गाइडलाइंस के अनुसार ही क्लस्टर तैयार कर उन्हें नियमित करें। ताकि पल्यूशन से राहत मिल सके।