भोपाल। भोपाल में शिवराज कैबिनेट की मीटिंग चली, इसमें बड़ा फैसला लिया गया है। 1 फरवरी से 15 फरवरी तक पूरे प्रदेश में विकास यात्राएं निकाली जाएगी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, विकास यात्रा में प्रभारी मंत्री के दौरे ज्यादा होंगे। माइक्रो प्लानिंग कर दौरे तैयार करें। सीएम शिवराज ने कहा, मंत्री, विधायक अपने-अपने क्षेत्रों में विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। सांसद भी विकास यात्रा में शामिल होकर केंद्र और राज्य की योजनाओं, कार्यक्रमों और लोकार्पण शिलान्यास में भाग लेंगे।
गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कैबिनेट के निर्णयों की जानकारी देते हुए बताया, कैबिनेट में सहकारी सोसायटी संशोधन अधिनियम 2023 का अनुसमर्थन किया गया है। इसके तहत जिन कृषि साख सोसाइटियों में चुनाव नहीं हुए हैं। वहां पांच सदस्यीय कमेटी का गठन का प्रावधान किया यगा है। इसमें एक सदस्य रजिस्टार, एक सोसायटी और तीन प्राइवेट सदस्य होंगे।
इसके अलावा कैबिनेट ने मध्यप्रदेश पेयजल परीक्षण (संशोधन) अधिनियम 2022 को स्वीकृति दी है। इसके तहत किसानों को बढ़ी राहत मिलेगी। नरोत्तम मिश्रा ने बताया, इसके तहत वॉटर लेवल नीचे जाने पर बोरिंग कराने पर जेल का प्रावधान था। अब जेल के प्रावधान को हटाकर जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
वहीं, आंगनवाड़ियों में बिजली कनेक्शन के लिए 79.7 करोड़ रुपये के बजट को भी कैबिनेट ने स्वीकृति दी है। प्रदेश में अब तक 31 हजार 400 आंगनवाड़ी केंद्रों को विद्युत के लिए कोई राशि आवंटित नहीं होती थी। अब तीन चरणों में आंगनवाड़ियों को राशि का आवंटन किया जाएगा। इसमें पहले चरण में 14,214, दूसरे चरण में 10, 907 और तीसरे चरण में 6,304 आंगनवाड़ी भवनों को विद्युत व्यवस्था के लिए राशि दी जाएगी।
सरकारी विभागों में 5 डे वर्किंग सिस्टम जारी रहेगा…
राज्य सरकार ने 5डे वर्किंग सिस्टम को जारी रखने का फैसला लिया है। इसके आदेश जारी हो गए हैं। नए आदेश के अनुसार अब नए साल में भी प्रदेश के सभी सरकारी दफ्तरों में पांच दिन का कार्य दिवस रहेगा।
मध्यप्रदेश में सोमवार से शुक्रवार तक (5डे वर्किंग) सरकारी दफ्तरों में काम होगा। शनिवार और रविवार को छुट्टी रहेगी। इससे पहले यह सिस्टम 31 दिसंबर 2022 तक ही लागू रखने के आदेश थे। राज्य शासन ने मंगलवार को नए आदेश जारी करते हुए इसे आगामी आदेश तक यथावत रखने के आदेश दिए हैं।
राज्य शासन के सचिव डा. श्रीनिवास शर्मा के हस्ताक्षर से जारी हुए नए आदेश में कहा गया है कि 10 जून 2022 के आदेश में कोविड-19 महामारी की रोकथाम और बचाव के संबंध में प्रदेश के समस्त शासकीय कार्यालयों के कार्यदिवस 5 दिवस निर्धारित किए गए थे। यह आदेश 31 दिसंबर 2022 तक प्रभावशील है। राज्य शासन की ओर से इसी अनुक्रम में यह निर्णय लिया गया है कि प्रदेश के शासकीय कार्यालयों में इस व्यवस्था को आगामी आदेश तक प्रभावशील रखा जा रहा है।
इससे पहले कोरोना काल के चलते सरकारी दफ्तरों में पांच दिवस 31 अक्टूबर 2021 तक के लिए लागू किया गया था। इसके बाद 1 नवंबर से 6 दिन कार्य दिवस होना तय हो गया था, लेकिन सरकार ने इसे और आगे बढ़ा दिया। इसके बाद मार्च 2022 तक बढा़या गया। इसके बाद इसे बढ़ाते बढ़ाते 31 दिसंबर 2022 कर दिया गया था।


