आगरा के विश्व प्रसिद्ध ताजमहल में 7 अगस्त को सुरक्षा एजेंसियों द्वारा एक व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। स्वतंत्रता दिवस से पहले स्मारक की सुरक्षा तैयारियों को जांचने के उद्देश्य से यह अभ्यास किया गया, जिसमें उत्तर प्रदेश पुलिस, सीआईएसएफ और अन्य सुरक्षा बल शामिल थे।
अभ्यास का विवरण
इस मॉक ड्रिल के दौरान, सुरक्षाबलों ने एक हथियारबंद हमले और संदिग्ध आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) की मौजूदगी जैसी आपातकालीन स्थितियों से निपटने का अभ्यास किया। यूपी पुलिस ने तुरंत पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर दी, जबकि सीआईएसएफ के जवानों ने अपने हथियार निकालकर मोर्चा संभाला। यह कार्रवाई वास्तविक लग रही थी, जिससे स्थानीय लोगों और पर्यटकों में कुछ समय के लिए हलचल मच गई, लेकिन बाद में स्पष्ट किया गया कि यह सिर्फ एक अभ्यास था।
सुरक्षा तैयारियों का आकलन
इस बहु-एजेंसी अभ्यास का मुख्य लक्ष्य विभिन्न सुरक्षा इकाइयों के बीच समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता का आकलन करना था। स्वतंत्रता दिवस जैसे संवेदनशील अवसरों पर किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए ऐसे अभ्यास महत्वपूर्ण होते हैं। अधिकारियों ने बताया कि इस ड्रिल के माध्यम से सुरक्षा प्रोटोकॉल में संभावित कमियों की पहचान करने और उन्हें दूर करने में मदद मिलेगी।