सीरिया और रूस के बीच 18 महीने की लंबी बातचीत के बाद एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ है। इस समझौते के तहत, सीरिया में रूस के प्रमुख सैन्य ठिकानों, ख्मीमीम एयरबेस और तर्तूस बंदरगाह पर रूस की पकड़ कमजोर हुई है। यह बदलाव दोनों देशों के संबंधों में एक नए चरण का संकेत देता है।
नियंत्रण में बदलाव
समझौते के अनुसार, इन ठिकानों पर मौजूद नागरिक ढांचे अब पूरी तरह से सीरियाई नियंत्रण में आ जाएंगे। वहीं, सैन्य सुविधाओं को संयुक्त प्रशिक्षण केंद्रों में बदल दिया जाएगा, जिससे रूस का एकाधिकार समाप्त होगा और सीरिया की संप्रभुता मजबूत होगी।
रूसी प्रभाव में कमी
यह समझौता सीरिया में रूस के बढ़ते प्रभाव में गिरावट का स्पष्ट संकेत है। विश्लेषकों का मानना है कि सीरिया की नई सरकार अब अमेरिका और पश्चिमी देशों की ओर अधिक झुकाव दिखा रही है, जो इस समझौते के पीछे एक प्रमुख कारण हो सकता है।