दंतेवाड़ा के गांवों में 46 साल बाद लहराएगा तिरंगा, नक्सल खौफ खत्म

Author Picture
By Partho Banarjee Published On: August 12, 2026

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में स्थित लावा, बड़ेपल्ली और बैंनपाल जैसे अंदरूनी गांवों में इस बार स्वतंत्रता दिवस का उत्साह चरम पर है। लगभग 46 साल के लंबे अंतराल के बाद, इन नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पहली बार ध्वजारोहण की तैयारी चल रही है, जो दशकों के भय और हिंसा से मुक्ति का स्पष्ट संकेत है।

नक्सल गढ़ में तिरंगे का सम्मान

कभी नक्सली गतिविधियों का केंद्र रहे इन गांवों में अब शांति और सामान्य जीवन लौट रहा है। बच्चे उत्साहपूर्वक तिरंगा यात्राएं निकाल रहे हैं और स्कूलों में पढ़ाई फिर से शुरू हो गई है। यह बदलाव दर्शाता है कि स्थानीय लोग अब बिना किसी डर के राष्ट्रीय पर्वों में शामिल हो सकते हैं।

46 साल बाद आजादी का जश्न

इन गांवों में 46 साल बाद होने वाला यह ध्वजारोहण समारोह केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि क्षेत्र के लिए एक नई सुबह का प्रतीक है। यह स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा बलों के प्रयासों का परिणाम है, जिसने इन इलाकों को नक्सल खौफ से मुक्त कर विकास और सामान्य जीवन की ओर अग्रसर किया है।