मध्यप्रदेश के धार स्थित भोजशाला मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई होने वाली है। यह सुनवाई इंदौर हाईकोर्ट के 15 मई 2026 के उस फैसले के खिलाफ दायर पांच याचिकाओं पर होगी, जिसमें हिंदू पक्ष को भोजशाला में रोजाना पूजा की अनुमति दी गई थी। इस मामले में नमाज के लिए निर्धारित स्थान को लेकर भी सर्वोच्च न्यायालय के रुख पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।
इंदौर हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती
इंदौर हाईकोर्ट ने अपने फैसले में भोजशाला को मां सरस्वती का मंदिर बताते हुए हिंदू समुदाय को वहां प्रतिदिन पूजा करने की अनुमति दी थी। मुस्लिम पक्ष ने इस फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में पांच अलग-अलग याचिकाएं दायर की हैं। इन याचिकाओं में हाईकोर्ट के आदेश पर सवाल उठाए गए हैं और इसे रद्द करने की मांग की गई है।
नमाज की व्यवस्था पर सुप्रीम कोर्ट का निर्देश
इससे पहले, सुप्रीम कोर्ट ने 14 जुलाई को एक अंतरिम आदेश जारी कर मध्यप्रदेश सरकार को मुस्लिम समुदाय के लिए भोजशाला के पास किसी खाली जगह पर शुक्रवार की नमाज की व्यवस्था करने का निर्देश दिया था। शुरुआती आपत्ति के बाद, प्रशासन ने खसरा नंबर 612 की जमीन को नमाज के लिए तय किया है, जहां पिछले दो शुक्रवार से शांतिपूर्ण ढंग से नमाज अदा की जा रही है। आज की सुनवाई से नमाज की भविष्य की व्यवस्था पर भी स्पष्टता आने की उम्मीद है।