उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर परिसर में स्थित नागचंद्रेश्वर महादेव के कपाट नाग पंचमी के अवसर पर मध्यरात्रि को खोल दिए गए। साल में केवल एक बार खुलने वाले इस दुर्लभ मंदिर के दर्शन के लिए देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे हैं।
दर्शन और पूजा का विशेष महत्व
मंदिर के पट खुलने से पहले महानिर्वाणी अखाड़े द्वारा प्रथम पूजन किया गया, जिसके बाद आम भक्तों के लिए दर्शन शुरू हुए। नाग पंचमी और सावन के सोमवार का दुर्लभ संयोग होने के कारण मंदिर में दर्शन का यह सिलसिला पूरे 24 घंटे तक चलेगा, जिसके बाद कपाट पुनः साल भर के लिए बंद कर दिए जाएंगे।
श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्था
प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए विशेष मार्ग निर्धारित किए हैं, जहाँ भक्त पार्किंग से होते हुए मंदिर तक पहुँच रहे हैं। दिन भर में भगवान की त्रिकाल पूजा की जाएगी, जिसमें प्रशासनिक अधिकारियों और मंदिर समिति के सदस्यों द्वारा विशेष अभिषेक और आरती संपन्न होगी।