ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध को टालने के लिए 17 जून को हुआ समझौता आज समाप्त होने जा रहा है। दोनों देशों के बीच इस करार को आगे बढ़ाने को लेकर कोई सहमति नहीं बन पाई है, जिससे खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ने की आशंका है।
बातचीत पर अनिश्चितता
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका के साथ वार्ता फिर से शुरू करने को लेकर अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। दूसरी ओर, डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिकी दावों को दोहराया है।
कूटनीति की बढ़ती जरूरत
क्षेत्रीय अस्थिरता को देखते हुए ईरान के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद खतामी ने दोनों देशों से संयम बरतने की अपील की है। उन्होंने एक लंबे और विनाशकारी युद्ध से बचने के लिए कूटनीतिक रास्तों को अपनाने पर जोर दिया है।