सीहोर पुलिस ने एक बड़े साइबर फ्रॉड गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह फर्जी ट्रेडिंग ऐप और कॉल सेंटर के जरिए लोगों को भारी मुनाफे का लालच देकर ठगी करता था। प्रारंभिक जांच में 20 लाख रुपये की धोखाधड़ी सामने आई है, लेकिन पुलिस को इसके करोड़ों रुपये तक पहुंचने की आशंका है।
लोन और निवेश के नाम पर जालसाजी
आरोपी लोगों को लोन दिलाने का झांसा देकर उनके बैंक दस्तावेज और सिम कार्ड हासिल कर लेते थे, जिनका उपयोग ठगी की रकम मंगाने में किया जाता था। गिरोह ने ‘FX Trade’ नाम का फर्जी ऐप बनाया था और ब्लड डोनेशन डायरेक्टरी से नंबर लेकर रोजाना 100 लोगों को निशाना बनाता था। पुलिस ने मौके से कंप्यूटर, लैपटॉप और कई आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए हैं।
गिरोह का नेटवर्क और गिरफ्तारी
पुलिस ने सतीश मेवाड़ा, कल्याण मेवाड़ा और शुभम वर्मा को गिरफ्तार किया है। गिरोह के कॉल सेंटर में काम करने वाले कर्मचारी लोगों को निवेश के नाम पर फंसाते थे और रकम मिलते ही उसे एटीएम से निकाल लेते थे। पुलिस अब इस अंतरराज्यीय गिरोह के अन्य संपर्कों की गहनता से जांच कर रही है।