पूर्व खुफिया अधिकारी यशोवर्धन आजाद ने अपनी नई किताब में एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। उनके अनुसार, पाकिस्तान दौरे के दौरान कराची में भारतीय क्रिकेट टीम पर हमले का गंभीर खतरा था, जिसके चलते सुरक्षा को लेकर कड़े फैसले लिए गए थे।
मुशर्रफ की जिद और सुरक्षा का खतरा
तत्कालीन राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ चाहते थे कि भारत और पाकिस्तान के बीच एक टेस्ट मैच कराची में खेला जाए। हालांकि, भारतीय सुरक्षा विशेषज्ञों ने खिलाड़ियों की जान को जोखिम में देखते हुए इस मांग को सिरे से खारिज कर दिया था।
खुफिया इनपुट से टला खतरा
आजाद ने बताया कि खुफिया एजेंसियों को मिले इनपुट के बाद टीम इंडिया की सुरक्षा को सर्वोपरि रखा गया। सुरक्षा सलाहकारों की सतर्कता के कारण ही उस समय एक संभावित बड़ी अनहोनी को समय रहते टाला जा सका।