गॉल टेस्ट में कुलदीप यादव का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा है, जहाँ वे श्रीलंकाई बल्लेबाजों को रोकने में पूरी तरह नाकाम दिखे। दूसरी ओर, रवींद्र जडेजा और मानव सुथार ने अपनी गेंदबाजी से टीम को मजबूती दी, जिससे कुलदीप की जगह पर सवाल उठने लगे हैं।
क्या खत्म हो रहा है कुलदीप का टेस्ट सफर?
टी-20 के बाद अब टेस्ट टीम में भी कुलदीप की भूमिका पर संशय गहरा गया है। 19 टेस्ट मैचों में 80 विकेट लेने वाले इस चाइनामैन स्पिनर के लिए कोलंबो टेस्ट उनके करियर को बचाने की अंतिम परीक्षा साबित हो सकता है।
प्रदर्शन में निरंतरता की कमी
जहाँ अन्य भारतीय स्पिनर श्रीलंकाई बल्लेबाजों पर दबाव बनाने में सफल रहे, वहीं कुलदीप की गेंदबाजी में धार की कमी साफ दिखी। अब चयनकर्ताओं की नजरें उनके आगामी प्रदर्शन पर टिकी हैं, जो तय करेगा कि वे भारतीय टेस्ट टीम का हिस्सा बने रहेंगे या नहीं।