छत्तीसगढ़ में जेन-जी आंदोलन के प्रभाव के बाद सरकारी विभागों को सोशल मीडिया पर अत्यधिक सक्रिय रहने के निर्देश जारी किए गए हैं। अब किसी भी नकारात्मक खबर या भ्रामक जानकारी का खंडन करने के लिए अधिकारियों को मात्र 6 घंटे का समय दिया जाएगा।
जवाबदेही और रैंकिंग का नया सिस्टम
सभी विभागों की गतिविधियों पर गूगल फॉर्म के जरिए प्रतिदिन नजर रखी जाएगी। यदि अधिकारी समय पर जवाब देने में विफल रहते हैं, तो उनकी स्कोरिंग शून्य कर दी जाएगी, जिसका सीधा असर भविष्य में उनके प्रमोशन और ट्रांसफर पर पड़ सकता है।
प्रशासनिक कार्यप्रणाली में बड़ा बदलाव
सरकार का मानना है कि इस नई व्यवस्था से जनता की शिकायतों का त्वरित समाधान संभव होगा। सोशल मीडिया पर सक्रियता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को अब अपनी कार्यशैली में तत्काल सुधार करना होगा।