ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल आपूर्ति पर अनिश्चितता के बादल छाए हुए हैं। इस संभावित संकट को देखते हुए भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक वैकल्पिक रास्ता खोज लिया है। अब भारतीय रिफाइनरियां रूस के बाद वेनेजुएला से तेल आयात को प्राथमिकता दे रही हैं।
वेनेजुएला बना प्रमुख सप्लायर
केप्लर के आंकड़ों के अनुसार, अगस्त महीने में वेनेजुएला से भारत का तेल आयात बढ़कर 4,44,000 बैरल प्रतिदिन तक पहुंच गया है। इस वृद्धि के साथ ही वेनेजुएला ने अमेरिका और इराक को पीछे छोड़ते हुए भारत के चौथे सबसे बड़े तेल आपूर्तिकर्ता के रूप में अपनी जगह पक्की कर ली है।
ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में कदम
पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक अस्थिरता के बीच भारत का यह कदम रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है। विभिन्न देशों से तेल के स्रोत सुरक्षित करके भारत अपनी घरेलू मांग को स्थिर रखने और आपूर्ति श्रृंखला में किसी भी तरह के व्यवधान से बचने की कोशिश कर रहा है।