मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल को अब इंदौर की तर्ज पर नशा और भिक्षावृत्ति मुक्त बनाने की दिशा में प्रयास तेज कर दिए गए हैं। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने हाल ही में अधिकारियों के साथ बैठक कर इन अभियानों के प्रभावी क्रियान्वयन और पुनर्वास योजनाओं पर विस्तृत चर्चा की।
नशा मुक्ति के लिए सख्त रणनीति
प्रशासन ने नशे के हॉट-स्पॉट चिन्हित करने और स्कूलों-कॉलेजों में जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। युवाओं को इस बुराई से बचाने के लिए ‘नशा मुक्त युवा, विकसित भारत’ जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, साथ ही ड्रग्स तस्करी की सूचना देने वालों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
भिक्षावृत्ति मुक्त शहर का लक्ष्य
शहर को भिक्षावृत्ति से मुक्त कराने के लिए रेस्क्यू के साथ-साथ जरूरतमंदों के पुनर्वास पर विशेष जोर दिया जा रहा है। सामाजिक न्याय विभाग को इस अभियान को जमीनी स्तर पर सफल बनाने के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया है।