गंगा जल संधि का भविष्य: क्या तीस्ता विवाद सुलझाना ही एकमात्र रास्ता है?

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By Partho Banarjee Published On: August 21, 2026

भारत और बांग्लादेश के बीच 1996 में हुई गंगा जल संधि दिसंबर 2026 में समाप्त होने जा रही है। इस समझौते के नवीनीकरण को लेकर दोनों देशों के बीच कूटनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं, जो क्षेत्रीय जल सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

तीस्ता विवाद और संधि का समीकरण

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत के लिए गंगा जल संधि को तीस्ता नदी विवाद के साथ जोड़ना एक रणनीतिक कदम हो सकता है। दोनों मुद्दों को एक साथ सुलझाने से न केवल द्विपक्षीय संबंधों में मजबूती आएगी, बल्कि जल बंटवारे से जुड़े जटिल विवादों का स्थायी समाधान भी निकल सकेगा।

चीन का प्रभाव और कूटनीतिक चुनौतियां

क्षेत्र में चीन की बढ़ती सक्रियता के बीच यह समझौता भारत के लिए और भी अहम हो गया है। तीस्ता विवाद को हल करके भारत बांग्लादेश के साथ अपने संबंधों को अधिक भरोसेमंद बना सकता है, जिससे पड़ोसी देशों के साथ जल कूटनीति में भारत की स्थिति और अधिक प्रभावी होगी।