मध्य प्रदेश के ऑलराउंडर सारांश जैन ने 33 साल की उम्र में भारतीय टेस्ट टीम में डेब्यू कर एक मिसाल कायम की है। श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच में रविंद्र जडेजा ने उन्हें कैप सौंपी। सारांश 21वीं सदी में भारत के लिए टेस्ट पदार्पण करने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन गए हैं।
पिता की अंतिम इच्छा पूरी
सारांश के पिता कैंसर से जूझ रहे थे, लेकिन उन्होंने अपने बेटे से हमेशा क्रिकेट जारी रखने की अपील की थी। आज सारांश ने अपनी मेहनत और दृढ़ संकल्प से पिता के उस अधूरे सपने को हकीकत में बदल दिया है।
ऑलराउंडर का शानदार सफर
दाएं हाथ से ऑफ स्पिन गेंदबाजी और बाएं हाथ से बल्लेबाजी करने वाले सारांश ने घरेलू क्रिकेट में लंबे समय तक अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। उनका यह सफर साबित करता है कि सही जज्बा हो तो सफलता किसी भी उम्र में मिल सकती है।