जबलपुर हाईकोर्ट ने निजी मेडिकल कॉलेजों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के आरक्षण और IGNOU के डिप्लोमा की वैधता को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। अदालत ने केंद्र सरकार से निजी मेडिकल कॉलेजों में सीटों के समायोजन पर दो सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है, जबकि शिक्षकों के लिए IGNOU डिप्लोमा को मान्य करार दिया है।
निजी मेडिकल कॉलेजों में आरक्षण पर केंद्र से जवाब तलब
हाईकोर्ट की युगलपीठ ने याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र से पूछा है कि क्या सामान्य वर्ग की सीटें घटाए बिना मेडिकल कॉलेजों में सीटों की संख्या बढ़ाकर EWS छात्रों को आरक्षण का लाभ दिया जा सकता है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि मेडिकल कॉलेजों में चल रही प्रवेश प्रक्रिया अंतिम न्यायिक फैसले के अधीन रहेगी।
IGNOU डिप्लोमा धारकों को बड़ी राहत
अदालत ने राज्य सरकार की अपील खारिज करते हुए इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) के दो वर्षीय प्राथमिक शिक्षा डिप्लोमा (DPE) को माध्यमिक शिक्षक भर्ती और पदोन्नति के लिए वैध माना है। इस निर्णय से हजारों अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है, क्योंकि सरकार इस डिप्लोमा की मान्यता रद्द करने का कोई ठोस आधार पेश नहीं कर सकी।