भोपाल के नीलम पार्क में शिक्षक भर्ती के पदों को बढ़ाने की मांग को लेकर अभ्यर्थियों का प्रदर्शन जारी है। इस आंदोलन के दौरान पिछले तीन दिनों से अनशन पर बैठे नरेंद्र राजपूत की तबीयत रविवार रात अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद प्रशासन की चिंता बढ़ गई है।
इलाज से किया इनकार
तबीयत खराब होने के बावजूद नरेंद्र राजपूत ने अस्पताल जाने से साफ इनकार कर दिया है। उनका कहना है कि जब तक सरकार वर्ग-2 और वर्ग-3 शिक्षक भर्ती में पदों की संख्या बढ़ाने की उनकी मांग को स्वीकार नहीं करती, तब तक वे अपना अनशन समाप्त नहीं करेंगे।
युवाओं का भविष्य दांव पर
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का तर्क है कि सीमित पदों के कारण बड़ी संख्या में योग्य उम्मीदवार चयन से वंचित रह जाते हैं। वे लंबे समय से इन पदों को बढ़ाने की मांग कर रहे हैं ताकि अधिक से अधिक युवाओं को सरकारी स्कूलों में सेवा देने का अवसर मिल सके।