इस बार रक्षाबंधन के त्योहार पर बस्तर की पारंपरिक बेलमेटल राखियों का क्रेज काफी बढ़ गया है। जगदलपुर के बाजारों में ये हस्तनिर्मित राखियां चीनी उत्पादों को पीछे छोड़ते हुए ग्राहकों की पहली पसंद बनी हुई हैं। अपनी मजबूती और अनूठी कलाकारी के कारण इनकी मांग पिछले कई वर्षों के मुकाबले कहीं अधिक है।
कारीगरों की मेहनत और किफायती दाम
चिलकुटी के कुशल कारीगरों द्वारा बनाई गई इन राखियों की कीमत 150 से 200 रुपये के बीच रखी गई है। स्थानीय स्तर पर तैयार की गई ये राखियां न केवल मजबूत हैं, बल्कि इन्हें ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से आसानी से खरीदा जा सकता है।