कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी की आगामी आत्मकथा ‘Belonging: A Journey of Love’ के भारतीय प्रकाशन को लेकर पेंगुइन रैंडम हाउस के साथ विवाद गहरा गया है। प्रकाशक द्वारा पांडुलिपि में बदलाव की मांग के बाद उपजे इस गतिरोध पर मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कड़ी आपत्ति जताई है।
प्रकाशक की भूमिका पर उठे सवाल
कमलनाथ ने इस घटनाक्रम को अभिव्यक्ति की आजादी के लिए गंभीर खतरा करार दिया है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या कोई प्रकाशक यह तय कर सकता है कि एक वरिष्ठ नेता को क्या लिखना चाहिए, और क्या इस निर्णय के पीछे किसी बाहरी दबाव की संभावना है।
किताब के प्रकाशन का भविष्य
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पेंगुइन के साथ सहमति न बनने के बाद अब हार्पर कॉलिन्स इंडिया द्वारा इस पुस्तक को प्रकाशित करने की चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, वैश्विक स्तर पर यह किताब अपने तय कार्यक्रम के अनुसार 10 नवंबर को ही प्रकाशित की जाएगी, जिसमें सोनिया गांधी के निजी और राजनीतिक जीवन के संघर्षों को विस्तार से साझा किया गया है।