पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में लोकतंत्र की धज्जियां उड़ाते हुए इफ्तिखार अली गिलानी को नया प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया है। दिलचस्प बात यह है कि गिलानी हालिया आम चुनाव में अपनी सीट हार गए थे, जिसके बाद उनकी नियुक्ति पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
लोकतंत्र का मज़ाक और जनता का आक्रोश
इस्लामाबाद और नवाज शरीफ के इशारे पर गिलानी को ‘चोर दरवाजे’ से असेंबली में लाकर सत्ता सौंपी गई है। इस फैसले के खिलाफ न केवल आम जनता बल्कि उनकी अपनी पार्टी PML-N के भीतर भी भारी विरोध देखा जा रहा है।
विवादों के बीच सत्ता का खेल
चुनाव में हारने के बावजूद प्रधानमंत्री पद तक पहुंचना PoK में व्यापक धांधली के आरोपों को पुख्ता करता है। इस घटनाक्रम के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है और लोग इसे जनता के जनादेश का खुला अपमान मान रहे हैं।