नेपाल में हाल ही में आई विनाशकारी बाढ़ का केंद्र तिब्बत था, लेकिन वहां हुए नुकसान की तस्वीरें और खबरें गायब हैं। चीन ने इस आपदा को लेकर सख्त सेंसरशिप लागू कर दी है, जिससे वास्तविक स्थिति का पता लगाना मुश्किल हो गया है।
संदेह के घेरे में सरकारी आंकड़े
चीन ने ग्यिरोंग काउंटी और वहां के पोर्ट के तबाह होने की बात तो मानी है, लेकिन केवल 16 मौतों की पुष्टि की है। जबकि हकीकत में 500 से अधिक लोगों के लापता होने की खबरें हैं, जिन्हें प्रशासन द्वारा दबाया जा रहा है।
मीडिया पर पाबंदी और वायरल वीडियो का गायब होना
आपदा के शुरुआती दौर में सामने आए वीडियो और रिपोर्ट्स को इंटरनेट से हटा दिया गया है। विदेशी पत्रकारों की पहुंच पर भी रोक लगा दी गई है, जिससे चीन के दावों पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सवाल उठ रहे हैं।