बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में दलीप ट्रॉफी सेमीफाइनल के दौरान एक ऐतिहासिक पल देखने को मिला। ईस्ट जोन के नियमित कप्तान ईशान किशन के कलाई में चोट लगने के कारण मैदान से बाहर होने पर, महज 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को टीम की कमान सौंपी गई।
ईशान किशन की चोट से बदला समीकरण
सेंट्रल जोन के खिलाफ मुकाबले के 19वें ओवर में ईशान किशन चोटिल हो गए, जिसके बाद टीम प्रबंधन ने वैभव को कार्यवाहक कप्तान के रूप में जिम्मेदारी दी। इतनी कम उम्र में प्रथम श्रेणी क्रिकेट के बड़े टूर्नामेंट में कप्तानी संभालना एक बड़ी उपलब्धि है।
युवा खिलाड़ी के लिए बड़ी चुनौती
वैभव सूर्यवंशी ने इस जिम्मेदारी को स्वीकार कर क्रिकेट जगत में सुर्खियां बटोर ली हैं। यह घटना भारतीय क्रिकेट के भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ मानी जा रही है, जहां युवा प्रतिभाओं को बड़े स्तर पर खुद को साबित करने का मौका मिल रहा है।