दलीप ट्रॉफी के सेमीफाइनल मुकाबले में ईस्ट जोन के कार्यवाहक कप्तान वैभव सूर्यवंशी ने अपनी सूझबूझ से सभी को प्रभावित किया। ईशान किशन की अनुपस्थिति में टीम की कमान संभालते हुए वैभव ने एक बेहद कठिन मौके पर सही फैसला लेकर अपनी टीम को अहम सफलता दिलाई।
अंपायर के फैसले को दी चुनौती
मैच के 40वें ओवर के दौरान अंपायर ने आर्यन जुयाल के खिलाफ कैच आउट की अपील को नकार दिया था। पूरी टीम असमंजस में थी, लेकिन वैभव ने अपनी सूझबूझ का परिचय देते हुए आखिरी सेकंड में डीआरएस लेने का साहसिक निर्णय लिया, जो पूरी तरह सही साबित हुआ।
मैदान पर परिपक्वता की झलक
इस युवा कप्तान ने दबाव के क्षणों में जिस तरह से धैर्य और आत्मविश्वास दिखाया, उसने न केवल टीम को विकेट दिलाया बल्कि उनकी कप्तानी क्षमता पर भी मुहर लगा दी। उनके इस मास्टरस्ट्रोक की चर्चा अब क्रिकेट गलियारों में खूब हो रही है।