नेपाल में आई भीषण बाढ़ ने त्रिशूली नदी के किनारे बसी खुशियों को पल भर में तबाह कर दिया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, जिस जगह पर कभी 1600 बच्चों की रौनक और स्कूल की इमारत हुआ करती थी, वहां अब केवल मलबा और खौफनाक सन्नाटा पसरा है।
तबाही का मंजर
स्थानीय निवासी सुरेंद्र कुमार ने बताया कि उनकी आंखों के सामने तीन मंजिला स्कूल और राम मंदिर नदी के उफान में तिनके की तरह बह गए। इस त्रासदी ने न केवल भौतिक नुकसान पहुंचाया है, बल्कि पूरे इलाके को गहरे सदमे में डाल दिया है।
शिक्षकों का साहस और दर्द
इस आपदा के बीच शिक्षकों द्वारा दिखाए गए साहस की चर्चा हर तरफ हो रही है, जिन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर बच्चों को बचाने का प्रयास किया। वर्तमान में वहां की भयावह शांति उस विनाश की गवाही दे रही है, जिसने हंसते-खेलते परिसर को मलबे के ढेर में बदल दिया।