रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष को समाप्त करने के लिए भारत ने अपनी कूटनीतिक सक्रियता बढ़ा दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्रपति पुतिन से शांति की अपील के बाद, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कीव का दौरा किया है। किसी भी भारतीय विदेश मंत्री की यह पहली यूक्रेन यात्रा वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती भूमिका को दर्शाती है।
शांति वार्ता और कूटनीतिक प्रयास
कीव में हुई उच्च-स्तरीय बैठकों में युद्ध को रोकने के उपायों और ब्लैक सी में समुद्री सुरक्षा पर विशेष चर्चा की गई। यूक्रेन ने भारत के इस कदम का स्वागत करते हुए उसे एक उभरती हुई ‘ग्लोबल पावर’ के रूप में मान्यता दी है।
वैश्विक राजनीति में भारत का कद
दोनों देशों के बीच मध्यस्थता की कोशिशें यह संकेत देती हैं कि भारत अब अंतरराष्ट्रीय विवादों को सुलझाने में एक निर्णायक भूमिका निभाने के लिए तैयार है। यह दौरा युद्धग्रस्त क्षेत्र में शांति बहाली के लिए भारत की प्रतिबद्धता को पुख्ता करता है।