ग्वालियर में नगर निगम के संपत्तिकर रिकॉर्ड के साथ छेड़छाड़ कर एक संपत्ति को अवैध रूप से बेचने का मामला सामने आया है। विश्वविद्यालय थाना पुलिस ने निगम की जांच रिपोर्ट के आधार पर दो पूर्व अधिकारियों समेत चार लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र का मामला दर्ज किया है।
फर्जी दस्तावेजों का खेल
आरोप है कि आरोपियों ने टैगोर नगर स्थित एक संपत्ति की मूल आईडी के साथ छेड़छाड़ कर दूसरी फर्जी आईडी बनाई और गलत दस्तावेजों का उपयोग किया। जांच में खुलासा हुआ कि ई-नगर पालिका पोर्टल पर लॉग-इन कर अधिकारियों की आईडी के जरिए नाम और पता बदला गया, जिसके बाद एक फर्जी रसीद तैयार कर संपत्ति की रजिस्ट्री करवा दी गई।
अधिकारियों की भूमिका और पुलिस जांच
इस मामले में तत्कालीन एआरआई नरेन्द्र कुशवाह और एपीटीओ महेंद्र शर्मा की यूजर आईडी का उपयोग रिकॉर्ड बदलने में किया गया। नगर निगम द्वारा संतोषजनक जवाब न मिलने पर तत्कालीन एआरआई को निलंबित कर दिया गया था, जबकि सेवानिवृत्त एपीटीओ पर भी गाज गिरी है। पुलिस अब जब्त किए गए दस्तावेजों और लॉग फाइलों के आधार पर मामले की विस्तृत जांच कर रही है।