मध्यप्रदेश के सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग में करीब 11 करोड़ रुपये की आईटी उपकरणों की खरीद में बड़े भ्रष्टाचार का खुलासा हुआ है। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने टेंडर प्रक्रिया में धांधली और फर्जी फर्मों के जरिए हेराफेरी के आरोप में चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
टेंडर में फर्जीवाड़े का खेल
जांच में सामने आया है कि चार आपस में जुड़ी फर्मों ने मिलीभगत कर टेंडर हासिल किया और उपकरणों की आपूर्ति तय मानकों के विपरीत की। रिपोर्ट के अनुसार, 3,754 रुपये कीमत वाले यूपीएस को विभाग को 11,247 रुपये प्रति यूनिट की दर से बेचा गया, जो बाजार भाव से तीन गुना अधिक है।
सरकार पर उठे सवाल
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इस मामले को लेकर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इसे दिव्यांगजनों के हक पर डाका बताते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से जवाब मांगा है कि इस भ्रष्टाचार के पीछे किसका संरक्षण है और इतनी बड़ी अनियमितता के लिए कौन जिम्मेदार है।