मध्य प्रदेश में नर्सिंग काउंसिल की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। एनएसयूआई ने सीधी जिले के आयुष्मान नर्सिंग कॉलेज को निर्माणाधीन भवन में 120 सीटों की मान्यता दिए जाने पर गंभीर आपत्ति जताई है और मामले की सीबीआई जांच की मांग की है।
नियमों की अनदेखी का आरोप
एनएसयूआई का आरोप है कि भाजपा सांसद के परिजनों से जुड़े इस कॉलेज को मानकों को ताक पर रखकर मान्यता दी गई। संगठन का दावा है कि निरीक्षण के समय भवन का निर्माण कार्य पूरा नहीं था, फिर भी कॉलेज को 120 सीटों की अनुमति कैसे मिली, यह बड़ा सवाल है।
फैकल्टी और अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध
मामले में फैकल्टी के अनुभव प्रमाण-पत्रों को भी फर्जी बताया गया है। एनएसयूआई ने मांग की है कि कॉलेज संचालकों के साथ-साथ मान्यता देने वाले काउंसिल के अधिकारियों और निरीक्षण दल की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।