सागर जिले में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों ने मध्य प्रदेश की सियासत गरमा दी है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने दावा किया है कि इस त्रासदी में 11 लोगों की जान जा चुकी है और 25 से अधिक लोग अस्पताल में भर्ती हैं।
प्रशासनिक लापरवाही पर तीखे सवाल
उमंग सिंघार ने इस घटना को प्रशासनिक विफलता करार देते हुए पूछा है कि प्रदेश में अवैध शराब का कारोबार किसके संरक्षण में फल-फूल रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि केवल खानापूर्ति करने के बजाय दोषियों और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।
उच्चस्तरीय जांच और मुआवजे की मांग
नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से तत्काल एक उच्चस्तरीय जांच दल सागर भेजने का आग्रह किया है। साथ ही, उन्होंने पीड़ित परिवारों को उचित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की भी मांग की है ताकि इस तरह की घटनाओं पर भविष्य में रोक लगाई जा सके।