भोपाल में स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग कर रहे जूनियर डॉक्टरों पर हुई पुलिस कार्रवाई ने मध्य प्रदेश की राजनीति गरमा दी है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों पर लाठीचार्ज और वाटर कैनन के इस्तेमाल की कड़ी निंदा की है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि वह अपनी जिद छोड़कर डॉक्टरों की मांगों पर सार्थक चर्चा करे।
सरकार की कार्यशैली पर उठे सवाल
कमलनाथ ने आरोप लगाया कि प्रदेश में हर वर्ग अपनी मांगों के लिए सड़क पर उतरने को मजबूर है, जो सरकार की विफलता दर्शाता है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार संवाद के बजाय लाठी-डंडे की भाषा का सहारा ले रही है, जो पूरी तरह शर्मनाक है।
स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग
गांधी मेडिकल कॉलेज के इंटर्न डॉक्टर अपना स्टाइपेंड 14,337 रुपये से बढ़ाकर 30,000 रुपये करने की मांग कर रहे हैं। इस मांग को लेकर मुख्यमंत्री निवास की ओर बढ़ रहे डॉक्टरों को पुलिस ने रोका, जिसके बाद प्रदर्शन और तेज हो गया है और डॉक्टरों ने ओपीडी सेवाओं के बहिष्कार का निर्णय लिया है।