मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में मूंग उपार्जन के नाम पर बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने सहकारी समिति के तीन कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है, जिन्होंने किसानों के नाम का दुरुपयोग कर सरकारी समर्थन मूल्य का लाभ उठाया।
कैसे अंजाम दिया गया फर्जीवाड़ा
आरोपियों ने उन किसानों की जमीनों का फर्जी पंजीयन किया, जिन्होंने फसल नहीं बेची थी। उन्होंने बाजार से सस्ती मूंग खरीदकर उसे सरकारी केंद्रों पर ऊंचे समर्थन मूल्य पर बेच दिया, जिससे सरकार को करीब 13 लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ।
किसानों को भनक तक नहीं लगी
जांच में सामने आया कि जिन किसानों के नाम पर यह खेल खेला गया, उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं थी और न ही उन्हें इसका कोई पैसा मिला। EOW ने रंजीत ठाकुर, श्रीराम ठाकुर और गौरव ठाकुर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में FIR दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।