MP News: भोपाल शहर में मुहर्रम से पहले एक अजीब मामला सामने आया है जिसने प्रशासन को अलर्ट कर दिया है। रेलवे स्टेशन के पास प्लेटफॉर्म नंबर छह के करीब स्थित ईरानी कैंप में ईरान के झंडे लगाए गए हैं और जगह-जगह पोस्टर चिपकाए गए हैं। इनमें ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई और उनकी सेना के प्रमुखों की तस्वीरें भी शामिल हैं। बताया जा रहा है कि यह समर्थन ईरान और इज़राइल के बीच हाल ही में हुए युद्ध के बाद दिया गया है। इस हरकत ने इलाके में हलचल मचा दी है और पुलिस ने तुरंत जांच शुरू कर दी है।
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे चौंकाने वाली बात ये रही कि न सिर्फ कैंप बल्कि सड़कों और ओवरब्रिज पर भी ईरानी झंडे लहराते देखे गए। कई लोग खुलेआम हाथों में झंडे लिए हुए नजर आए। इन झंडों के साथ-साथ कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर वीडियो भी अपलोड किए, जिसमें वे ईरान के समर्थन में नारे लगा रहे थे। बताया जा रहा है कि यह रैली और झंडा प्रदर्शन मुहर्रम से पहले की तैयारी का हिस्सा नहीं था, बल्कि सीधे-सीधे ईरान के लिए समर्थन प्रकट करने की एक कोशिश थी। इससे शहर में धार्मिक और राजनीतिक तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

ईरान के नेताओं के पोस्टर से सजी दीवारें, पुलिस सतर्क
ईरानी कैंप की दीवारों पर बड़े-बड़े पोस्टर चिपकाए गए हैं, जिनमें आयतुल्ला अली खामेनेई और ईरानी सेना के जनरलों की तस्वीरें साफ देखी जा सकती हैं। यह मामला तब और गंभीर हो गया जब इन पोस्टरों को प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर भी लगाया गया पाया गया। जैसे ही प्रशासन को इसकी जानकारी मिली, पुलिस और खुफिया विभाग हरकत में आ गए। मामले की जांच की जा रही है कि आखिर किसने इन झंडों और पोस्टरों को लगाया और इसके पीछे मकसद क्या था। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि कहीं यह गतिविधि देशविरोधी या साम्प्रदायिक तनाव फैलाने वाली तो नहीं।
प्रशासन ने कहा- माहौल बिगाड़ने की कोशिश बर्दाश्त नहीं
प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए स्पष्ट कर दिया है कि भोपाल की गंगा-जमुनी तहजीब से खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। एक अधिकारी ने बताया कि अगर कोई व्यक्ति या समूह विदेशी झंडे और पोस्टर लगाकर माहौल खराब करने की कोशिश करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुहर्रम एक संवेदनशील समय होता है और ऐसे में किसी भी तरह की उकसाने वाली गतिविधि शहर की शांति के लिए खतरा बन सकती है। पुलिस अब उस व्यक्ति या संगठन की पहचान करने में जुटी है जिसने यह झंडे और पोस्टर लगाए।


