MP News: भोपाल में 12वीं की छात्रा की रहस्यमयी मौत, डॉक्टरों की अलग-अलग रिपोर्ट से उठे सवाल

MP News: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 12वीं कक्षा की एक छात्रा की मौत का मामला अब गंभीर विवाद का रूप लेता जा रहा है। इस घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रशासन और डॉक्टरों पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का कहना है कि डॉक्टरों की गलत जानकारी और इलाज में देरी के कारण उनकी बेटी की जान चली गई। इस घटना के बाद परिवार ने थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं इस मामले के सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन और पुलिस भी सक्रिय हो गई है। घटना ने पूरे इलाके में चिंता और चर्चा का माहौल पैदा कर दिया है और लोग इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।

डॉक्टरों की अलग-अलग जानकारी से बढ़ा संदेह

परिजनों के अनुसार इलाज के दौरान डॉक्टरों ने छात्रा की बीमारी को लेकर अलग-अलग जानकारी दी, जिससे परिवार के लोगों का भरोसा टूट गया। शुरुआत में डॉक्टरों ने बताया कि छात्रा गर्भवती है और उसी आधार पर इलाज शुरू किया गया। लेकिन बाद में डॉक्टरों ने कहा कि छात्रा के पेट में ट्यूमर है। परिवार का आरोप है कि इन विरोधाभासी जानकारियों के कारण सही समय पर सही इलाज नहीं हो पाया। उनका कहना है कि अगर शुरुआत में ही बीमारी की सही पहचान कर ली जाती तो शायद उनकी बेटी की जान बचाई जा सकती थी। इस मामले ने अस्पताल की कार्यप्रणाली और इलाज की प्रक्रिया पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

परीक्षा देकर लौटी छात्रा की अचानक बिगड़ी तबीयत

जानकारी के अनुसार मृतक छात्रा की उम्र करीब 17 वर्ष थी और वह एक निजी स्कूल में 12वीं कक्षा की छात्रा थी। 2 मार्च को वह अपनी परीक्षा देकर घर लौटी थी, जिसके बाद उसकी तबीयत अचानक खराब हो गई। परिजन उसे तुरंत इलाज के लिए हमीदिया अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे दो माह की गर्भवती बताया। बाद में जब सोनोग्राफी में स्थिति स्पष्ट नहीं हुई तो उसे सुल्तानिया अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ के पास भेज दिया गया। वहां जांच के बाद डॉक्टरों ने पेट में ट्यूमर होने की बात कही। लगातार बदलती जानकारी से परिजन और अधिक चिंतित हो गए और इसी बीच छात्रा की हालत बिगड़ती चली गई।

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज

पुलिस का कहना है कि मामले की जानकारी मिलने के बाद जांच शुरू कर दी गई है। डॉक्टरों का दावा है कि छात्रा के पेट में ट्यूमर था और उसी के इलाज की प्रक्रिया चल रही थी। हालांकि मौत के असली कारण का पता पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों को भी गंभीरता से लिया जा रहा है और जांच के दौरान हर पहलू को ध्यान में रखा जाएगा। अगर जांच में किसी तरह की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे शहर की नजर इस मामले की जांच और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पर टिकी हुई है।

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