MP News: मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में अवैध रेत माफियाओं की दबंगई एक बार फिर सामने आई है। यह घटना तब हुई जब अवैध रेत परिवहन को रोकने की कोशिश कर रहे एक वन आरक्षक को ट्रैक्टर-ट्रॉली से कुचल दिया गया। इस हादसे में वन आरक्षक की मौके पर ही मौत हो गई। घटना ने क्षेत्र में कानून व्यवस्था और अवैध खनन पर नियंत्रण को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों और प्रशासन के बीच इस घटना को लेकर चिंता और आक्रोश दोनों देखा जा रहा है।
गश्ती के दौरान हुआ हादसा और आरोपी की हरकत
जानकारी के अनुसार Morena जिले के दिमनी थाना क्षेत्र में नेशनल हाइवे 552 पर रथोल का पुरा और रानपुर के बीच वन विभाग का गश्ती दल अवैध रेत परिवहन को रोकने के लिए तैनात था। इसी दौरान अंबाह रेंज के वन आरक्षक हरिकेश गुर्जर ने चंबल नदी के ऐसाह घाट से रेत भरकर आ रहे एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को रोकने का प्रयास किया। आरोप है कि चालक ने वाहन रोकने के बजाय तेज रफ्तार से चलाते हुए आरक्षक को कुचल दिया और मौके से फरार हो गया। यह घटना बेहद गंभीर और जानलेवा लापरवाही को दर्शाती है।
पीड़ित वन आरक्षक और प्रशासन की कार्रवाई
मृतक वन आरक्षक हरिकेश गुर्जर जनकपुर के निवासी थे और कुछ समय पहले ही उनका तबादला अंबाह रेंज में हुआ था। घटना के बाद वन विभाग की टीम ने तुरंत शव को जिला चिकित्सालय पहुंचाया और परिजनों को सूचना दी। इसके बाद दिमनी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने फरार ट्रैक्टर-ट्रॉली चालक की तलाश तेज कर दी है और आसपास के इलाकों में जांच अभियान चलाया जा रहा है। इस मामले में अवैध रेत खनन से जुड़े नेटवर्क की भी जांच की जा रही है ताकि पूरे गिरोह का खुलासा किया जा सके।
स्थानीय आक्रोश और अवैध खनन पर सवाल
घटना के बाद वन विभाग के अधिकारियों और मृतक के परिजनों में गहरा आक्रोश है। स्थानीय स्तर पर लोगों ने इस घटना को कानून व्यवस्था की विफलता बताया है। अवैध रेत खनन और उसके परिवहन पर नियंत्रण को लेकर पहले भी कई बार सवाल उठ चुके हैं लेकिन इस तरह की घटनाएं स्थिति की गंभीरता को और उजागर करती हैं। प्रशासन के सामने अब न केवल आरोपी को पकड़ने बल्कि इस पूरे अवैध नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई करने की चुनौती है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।


