MP News: महिला आरक्षण पर बड़ा विवाद, BJP का आक्रोश मार्च करेगा सियासी खेल बदल

MP News: लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पारित नहीं हो पाने के बाद देश की राजनीति में जबरदस्त हलचल देखने को मिल रही है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। जहां विपक्ष इस पूरे घटनाक्रम को सरकार की रणनीति बता रहा है वहीं सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी विपक्ष को जिम्मेदार ठहरा रही है। इस मुद्दे ने अब संसद से निकलकर सड़कों तक पहुंचने की दिशा ले ली है। खासकर मध्य प्रदेश में बीजेपी ने इस मुद्दे को बड़े स्तर पर उठाने की तैयारी शुरू कर दी है जिससे आने वाले दिनों में राजनीतिक माहौल और गर्म होने के संकेत मिल रहे हैं।

मध्य प्रदेश में विशेष सत्र और आक्रोश प्रदर्शन की तैयारी

मध्य प्रदेश सरकार ने महिला सम्मान के मुद्दे पर विधानसभा का एकदिवसीय विशेष सत्र बुलाने का फैसला किया है। इसके साथ ही प्रदेशभर में आक्रोश प्रदर्शन आयोजित करने की योजना बनाई गई है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस घटनाक्रम को बेहद गंभीर और पीड़ादायक बताया है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सम्मान से जुड़ा यह मुद्दा केवल राजनीति नहीं बल्कि समाज के आत्मसम्मान का प्रश्न है। सरकार का कहना है कि इस मुद्दे को जन जन तक पहुंचाने के लिए हर स्तर पर प्रयास किए जाएंगे और लोगों को जागरूक किया जाएगा ताकि महिलाओं के अधिकारों की आवाज मजबूत हो सके।

सीएम मोहन यादव का बयान और सियासी संदेश

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस पूरे मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार इस मुद्दे को दबने नहीं देगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने इस विषय पर सभी को पहले ही जानकारी दी थी और संवाद की पूरी कोशिश की गई थी। उन्होंने यह भी कहा कि अब प्रदेश में व्यापक स्तर पर आंदोलन चलाया जाएगा और हर जिले और पंचायत स्तर तक प्रदर्शन किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने संकेत दिया कि जो लोग इस मुद्दे पर बाधा बने हैं उन्हें जनता के सामने बेनकाब किया जाएगा। उनके इस बयान को आगामी राजनीतिक रणनीति के रूप में भी देखा जा रहा है।

विपक्ष पर आरोप और नारी शक्ति को लेकर बयानबाजी तेज

बीजेपी नेताओं ने विपक्ष पर महिला विरोधी मानसिकता का आरोप लगाया है। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि लोकसभा में जो हुआ वह केवल संसदीय प्रक्रिया नहीं बल्कि देश की आधी आबादी से जुड़ा गंभीर मुद्दा था। वहीं पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रेखा वर्मा ने कहा कि वर्षों से महिलाएं अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रही थीं और इस बिल से उन्हें बड़ी उम्मीदें थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने जानबूझकर इस बिल को पास नहीं होने दिया। इस पूरे घटनाक्रम के बाद नारी शक्ति के मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई है और आने वाले समय में यह मुद्दा राष्ट्रीय राजनीति में और अधिक प्रभाव डाल सकता है।

लेटेस्ट न्यूज़
- Advertisment -

धार्मिक

error: Content is protected !!